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सुबह खाली पेट बादाम खाने के फायदे


बादाम स्वास्थ्य लाभों से भरपूर और विटामिन और पोषक तत्वों का खजाना है। भीगे हिए बादाम खाने से आप अपने फायदे हैं। सुबह को समय भीगे बादाम खाने की सलाह दी जाती है। बादाम को खीर, बदामी कोरमा बनाने के लिए पीसा जा सकता है। बादाम के औषधीय गुण भी होते हैं। आपने छिलके सहित बादाम खाने के भी फायदे सुने होंगे। कई लोग सुबह भीगे बादाम खाने के फायदे भी जानते होंगे। बादाम सबसे पोष्टिक और पॉपुलर नट्स है। वैसे कच्चे बादाम की तुलना में भीगे बादाम खाना सबसे ज्यादा पोष्टिक माना जाता है। अगर आप रातभर बादाम भिगोने के बाद इसके छिलके में मौजूद टॉक्सिक बाहर निकल जाते हैं और सही पोषक हमें मिल जाते हैं।   
बादाम एक प्रकार के नट्स में आता है। यह इतने गुणों से भरपूर है कि, हर कोई इसी का सेवन करने की सलाह देते हैं। इसमें कैल्शिमय, मैग्नीशियम, विटामिन-ई और फैटी एसिड पाए जाते हैं। बादाम वैसे दो तरह के होते हैं पहले कवच वाला और दूसरा बिना कवच वाला। बादाम जरूरतमंद पौष्टिक तत्व मौजूद होते हैं, यह एंटी-ऑक्सीडेंट्स से भरपूर बादाम का सेवन आप भिगोकर भी सकते हैं, क्योंकि यह अधिक फायदेमंद होता है। खासकर दिल के मरीजों के स्वास्थ्य के लिए यह काफी लाभदायक है, इसलिए बादाम को सूपरफूड के नाम से भी जाना जाता है।  
बादाम में पाए जाने वाले पोषक तत्व –
100 ग्राम बादा में पोषत तत्व
·         कैलोरी – 576
·         फैट – 49 ग्राम
·         सोडियम – 1 मिलीग्राम
·         पोटेशियम – 705 मिलीग्राम
·         कार्बोहाइड्रेट – 22 ग्राम
·         डायट्री फाइबर – 12 ग्राम
·         शुगर – 3.9 ग्राम
·         प्रोटीन – 21 ग्राम
सुबह खाली पेट बादाम खाने के फायदे –
·         प्रेग्नेंसी – गर्भवती महिलाओं को भीगे बादाम का सेवन जरूर करना चाहिए, क्योंकि इसमें उन्हें और उनके होने वाले बच्चे को अच्छे पोषक तत्व मिल सके। साथ बादाम का सेवन करने दोनों स्वस्थ रह सके।
·         दिमाग स्वस्थ रहे – डॉक्टर के अनुसार, रोजाना सुबह-सुबह 4 से 6 बादाम का सेवन करने से आपके दिमागी शक्ति तेज होती है और आपको सेंट्रल नर्वस सिस्टम भी अच्छा से काम करता है जिससे दिमाग स्वस्थ रहता है।
·         पाचन शक्ति बढ़ाए – जब बादाम को भिगोकर खाते हैं तो, यह बेहद आसानी से पच जाता है और पाचन की संपूर्ण क्रिया को सुचारी रूप से चलाता है और पेट को स्वस्थ रखता है।
·         कोलेस्ट्रॉल को कम रखें – बादाम में मौजूद मोनोअन सैचुरेटेड फैटी एसिड और विटामिन-ई की वजह से यह शरीर में मौजूद कोलेसट्रॉल को कम करता है और ब्लड में गुड़ कोलेस्ट्रॉल की मात्रा को बढ़ाता है।
·         हार्ट के लिए अच्छा – भीगे बादाम में मौजूद प्रोटीन, पोटेशियम और मैग्नीशियम हार्ट को स्वस्थ रखने के लिए बेहद जरूरी है। साथ ही इसमें ढेर सारे एंटी-ऑक्सीडेंट गुण होने की वजह से यह हार्ट की खतरनाक बीमारियों को दूर करने में मदद करता है।
·         हाई ब्लड प्रेशर – बादाम में अधिक पोटेशियम और कम मात्रा में सोडियम होने की वजह से यह ब्लड प्रेशर के साथ और दूसरी हार्ट से जुड़ी समस्याओं को सामान्य करता है। साथ ही इसमें मौजूद मैग्नीशियम की वजह से यह ब्लड के प्रवाह को भी सुचारू रूप से नियमित करने में मदद करता है।
·         वजन कम करें – यदि आप मोटापे से परेशान है और अपना वजन कम करना चाहते हैं, तो अपनी डाइट में भोगे हुए बादाम को शामिल करें। ऐसा करने से आपको देर तक भूख नहीं लगती है जिससे आप अपना वजन को बेहद आसानी से कम कर सकते हैं।
·         कब्ज की समस्या – सुबह के समय बादाम का सेवन करने से आपको कब्ज आदि की समस्या नहीं होती है, क्योंकि बादाम में अधिक मात्रा में फाइबर होता है, जिसकी मदद से आपका पेट अच्छे से साफ हो जाता है।
·         स्किन एजिंग को दूर करें – स्किन की झुर्रियों को दूर करने के लिए कोई और चीजें इस्तेमाल करने की बजाए आपको भीगे बादाम खाने चाहिए, क्योंकि यह एक नेचुरल एंटी-एजिंग फूड माना जाता है। सुबह के समय बादाम को सेवन करने से फेस पर झुर्रियां नहीं पड़ती है और आपकी स्किन हेल्थी रहती है।
·         इम्यून सिस्टम – कुछ स्टजी के मुताबिक, भीगे बादाम में प्री-बायोटिक गुण होते हैं जो इम्यून सिस्टिम को मजबूत बनाने में मदद करता है। प्री-बायोटिक गुण होने की वजह से यह आंतों में मौजूद गुण बैक्टीरिय के निर्माण को बढ़ाता है, जिससे ऐसी कोई बीमारी नहीं होती है जिसकी सीधा असर आंतों पर पड़े।    
यदि किडनी डिजीज की समस्या से जूझ रहे हैं, तो बादाम का सेवन करने से अपने आहार विशेषज्ञ या अपने डॉक्टर की सलाह लें। उन्हीं के अनुसार बादाम का सेवन करें। लेकिन आपको किडनी डिजीज के संकेतो को पहचाना बेहद जूरूरी है जिसकी मदद से आप किडनी की बीमारी को समय पर पहचान सकते हैं।
किडनी डिजीज का होना और सफल उपचार -
किडनी डायलिसिस आज के समय में एक आम समस्या बन गई है, लेकिन किडनी खराब होने के कई कारण हो सकते हैं। जिससे अक्सर लोग नजरअंदाज कर देते हैं। लेकिन यदि इस रोग के इलाज की बात करें, तो करीब 90% लोग एलोपैथी दवाओं और इलाज का रूख करते हैं, जबकि किडनी डायलिसिस के लिए आयुर्वेद में भी इलाज मौजूद है। किडनी खराब होने पर मरीजों को डायलिसिस पर रहना पड़ता है और आयुर्वेद में ऐसी दवाएं मौजूद है, जो कि न सिर्फ किडनी के मरीजों को डायलिसिस पर जाने से बचाती है और डायलिसिस से छुटकारा भी दिलाती है।
किडनी की बीमारी के शुरूआती लक्षण –
·         शरीर के कुछ हिस्सों में सूजन
·         यूरिन की मात्रा में कमी होना
·         यूरिन में प्रोटीन या रक्त का आना
·         यूरिन पास करते वक्त जलन होना
·         भूख की कमी होना
·         बार-बार उल्टी होना
·         जी मिचलाना
·         शरीर में रक्त की कमी
·         हाई ब्लड प्रेशर
किडनी की डिजीज के लिए आयुर्वेदिक उपचार
आयुर्वेदिक उपचार शरीर, तन और मन के बीच संतुलन बनाए रख स्वास्थ्य में सुधार करता है। आयुर्वेद में न केवल उपचार करता है बल्कि यह जीवन जीने का ऐसा तरीका सिखाता है जिसमें जीवन लंबा और खुशहाल होता है। साथ ही आयुर्वेद के अनुसार, शरीर में वात, पित्त और कफ जैसी तीनों मूल तत्वों के संतुलन से कोई भी बीमारी आप तक नहीं पहुंच सकती है। आयुर्वेद तीनों तत्वों का संतुलन बनाए रखता है। इसमें विभिन्न रोगों के इलाज के लिए हर्बल उपचार, घरेलू उपचार, आयुर्वेदिक दवाओं, आहार संशोधन, मालिश और ध्यान का उपयोग करते हैं।
कर्मा आयुर्वेदा काफी लंबे समय से किडनी की बीमारी से लोगों को मुक्त कर रहा है। आयुर्वेदाचार्य ने केवल भारत में ही नहीं बल्कि विश्वभर में किडनी की बीमारी से ग्रस्त मरीजों का आयुर्वेद द्वारा इलाज किया है। आयुर्वेद में प्राकृतिक जड़ी-बूटियों का इस्तेमाल किया जाता हैं। जिससे हमारे शरीर में किसी भी प्रकार का कोई दुष्प्रभाव नहीं होता है। आयुर्वेद धीरे-धीरे हर बीमारी को जड़ से खत्म करने में मदद करता है।   



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