मेरा नाम आकांक्षा है, मैं पंजाब कि रहने वाली हूँ. दो साल पहले मेरी एक किडनी
खराब खराब हो गई थी. वैसे तो मैं अपनी सेहत का काफी ध्यान रखती हूँ, लेकिन फिर भी
मेरी किडनी खराब हो गई. मैं ग्रीन-टी पीने कि बहुत शौकीन हूँ और यही
मेरी किडनी खराब होने का कारण भी बना. बहुत से लोगो का मानना है कि ग्रीन-टी सेहत
के लिए काफी अच्छी होती है, लेकिन ऐसा नहीं है. ग्रीन-टी पीने
से वजन कम होने में मदद तो जरूर मिलती है, लेकिन इससे काफी नुकसान भी होते हैं.
मुझे भी पहले ऐसा ही लगता था कि ग्रीन-टी पीना
सेहत के लिए अच्छा होता है, लेकिन जब ग्रीन-टी पीने के कारण मेरी किडनी खराब हुई
तब मुझे इस बारे पता चला. मैं एक दिन में तक़रीबन 5 से 6 तक ग्रीन-टी पी
जाती थी. ग्रीन-टी पीने के चलते मेरा ब्लडप्रेशर हाई रहने लगा था, जिस पर मैंने
कभी ध्यान नहीं था और यही मेरी सबसे बड़ी खामी रही. ग्रीन-टी पीने से मेरा वजन तो
कम हो रहा था, लेकिन मुझे और भी कई दिक्कते होना शुरू हो चुकी थी.
मुझे पेशाब से जुड़ी हुई कई दिक्कते रहने लगी थी, मुझे अधिक पानी पीने के बाद
भी काफी कम पेशाब आता था और कभी-कभी तो जलन भी होने लग जाती थी. जिसके लिए मैंने
दवाएं भी लेकिन कोई खास आराम नहीं मिला, लेकिन मैंने ग्रीन-टी पीना बंद नहीं किया.
इस बीच मेरा ब्लडप्रेशर भी काफी हाई रहे लगा था और मेरी तबियत अक्सर खराब रहने लगी
थी. मुझे काफी उल्टियाँ आने लगी थी और मैं काफी कमजोर होती जा रही थी. धीरे-धीरे मेरी
भूख भी काफी कम होने लगी थी, जिसके कारण मैं काफी कमजोर हो चुकी थी.
मैंने इन सबके लिए दवाएं लेना शुरू किया लेकिन मुझे कोई खास आराम नहीं मिल रहा
था. मैंने फिर किसी बड़े डॉक्टर से मिलने की सोची और मैं चंडीगढ़ चली गई. चंडीगढ़ में
मैं एक निजी अस्पताल गई और डॉक्टर से मिली, उन्होंने मेरी जांच करते हुए मुझसे कहा
कि आपका ब्लडप्रेशर तो काफी हाई है ये हमेशा रहता है या तबियत खराब होने के कारण
हुआ है? मैंने उनको बताया कि नहीं काफी समय से ब्लडप्रेशर हाई रहता है, फिर उनको
बातों से बातों में बताया कि मुझे ग्रीन-टी पीने कि आदत है और मैं एक दिन में
करीब-करीब 6 ग्रीन-टी पी जाती हूँ.
डॉक्टर ने मेरी ये बात सुनते ही मुझे बताया कि ग्रीन-टी पीने से फायदे कम है
और नुक्सान ज्यादा है, इससे हाई ब्लडप्रेशर, यूरिन और किडनी प्रॉब्लम हो सकती है
और ऐसा लगता है कि आपकी किडनी खराब हो गई है. डॉक्टर ने मुझे तुरंत कुछ टेस्ट
करवाने को बोला और मुझे तुरंत एडमिट कर लिया गया और शाम तक मेरे सारे टेस्ट कि रिपोर्ट्स
भी आ गई. रिपोर्ट्स में वही आया जिस बारे में डॉक्टर ने मुझे बताया था, मेरी एक
किडनी खराब होने कि कगार पर थी. रिपोर्ट्स के अनुसार मेरा क्रिएटिनिन 8 से थोडा
ज्यादा था, जो किडनी खराब करने के लिए काफी था.
डॉक्टर ने मुझे तुरंत ही डायलिसिस शुरू करने को कहा, मैं डायलिसिस के लिए राज़ी
तो नहीं थी लेकिन मुझे इसके लिए हाँ करना पड़ा. मेरा हर हफ्ते दो बार डायलिसिस होना
शुरू हो गया. बाद में मेरी तबियत में
हल्का सुधार देख कर हफ्ते में एक बार डायलिसिस होने लगा. लेकिन इतने डायलिसिस होने
के बाद भी मेरी तबियत में कोई खास सुधार नज़र नहीं आ रहा था, डॉक्टर से इस बारे में
बात करने पर पता चला कि ये पूरी उम्र भर चलने वाला इलाज है. इस बीच मेरी मम्मी को
एक ऐसी चीज़ के बारे में पता चला जिस पर विश्वास करना बहुत मुश्किल था.
मम्मी ने मुझे बताया कि दिल्ली में कर्मा आयुर्वेदा नाम से किडनी फेल्योर के
लिए एक आयुर्वेदिक हॉस्पिटल है, जो बिना डायलिसिस के ही किडनी को ठीक करते हैं. उन्होंने
मुझे कर्मा आयुर्वेदा से जुड़ी कई साड़ी विडियो भी दिखाई जिसे देखने के बाद मुझे
यकीन आने लगा. हम दोनों अगली सुबह ही दिल्ली चले गए और सीधा कर्मा आयुर्वेदा
पहुंचे. वहां जाने पर हमारी मुलाकात डॉ. पुनीत धवन से हुई, ये कर्मा आयुर्वेदा के
निदेशक है.
डॉ. पुनीत धवन ने मेरी सारी रिपोर्ट्स देखि और मुझसे एक दो बाते पूछी, उस समय
तक मेरा क्रिएटिनिन 8 से घटकर 7 तक आ चूका था, जो कि ज्यादा ही था. उन्होंने मुझे
बस दो महीने के लिए आयुर्वेदिक दवाएं खाने की बात कही और ग्रीन-टी एक दम छोड़ने को
कहा, साथ में योग अपनाने कि सलाह भी दी. मैंने डॉ. पुनीत धवन कि दी हुई दवाएं
महिना भर ही खाई थी और मुझे अपने अंदर काफी सुधार नज़र आने लगा और मैं देखते ही
देखते पहले कि तरह स्वस्थ हो गई. आज मैं एक दम स्वस्थ हूँ और मैंने अब ग्रीन-टी
पीना बिलकुल बंद कर दिया है.