किडनी खराब होने पर रोगी
को कई समस्याओं का सामना करना पड़ता है, जैसे पेशाब से जुड़ी समस्या या शरीर के कुछ
अंगों में सूजन आना. इस दौरान होने वाली सभी शारीरिक समस्याओं को किडनी खराब होने
के लक्षणों के तौर पर देखा जाता है.
किडनी खराब होने पर निम्न
वर्णित लक्षण दिखाई देते हैं, जिनकी पहचान कर जल्द इस गंभीर बीमारी से छुटकारा
पाया जा सकता है :-
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बार- बार उल्टियां आना: किसी व्यक्ति को अगर तेज पेट दर्द के साथ बार बार उल्टियां
आए तो यह किडनी लक्षण किडनी खराब होने की तरफ संकेत देता है। ऐसा होने पर तुरंत
चिकित्सक से मिले। ध्यान दें यह स्थति कई कारणों से उत्पन्न हो सकती है जैसे अपच, फ़ूड में विषाक्त तत्व उत्पन्न होने के कारण आदि।
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शरीर के कुछ हिस्सों
में सूजन: किडनी खराब होने पर शरीर
के कुछ हिस्सों जैसे – कमर, आँखों के आसपास और विशेषकर पैरों में सूजन आ जाती है।
यह शरीर में यूरिक एसिड की मात्रा बढ़ने के कारण से होता है।
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अचानक बेहोश होना: अगर कोई व्यक्ति अचानक बिना किसी बीमारी के
बेहोश होने लगे और अब तक ऊपर बताएं गये लक्षण भी दिखाई दे (कोई अन्य) तो यह किडनी
खराब होने का साफ संकेत है। यह स्थिति किडनी खराब होने की सबसे गम्भीर स्थिति मानी
जाती है। इस समय किडनी को ठीक करना बहुत मुश्किल होता है। ध्यान दें शारीरिक
कमजोरी के कराण से भी अचानक बेहोशी आ सकती है।
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पेशाब के दौरान
जलन: अगर आपको पेशाब करते समय
मूत्र नलिका में जलन के साथ तेज दर्द हो तो यह मूत्र संक्रमण की तरफ साफ संकेत
होता है। मूत्र संक्रमण पर काबू ना किया जाए तो आपकी किडनी जल्दी खराब हो सकती है।
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बार-बार पेशाब
आने का अहसास होना: जब आपको बार-बार
पेशाब होने का एहसास होने लगे मगर करने पर नहीं होना कि़डनी में खराबी की तरफ असर
करता है।
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पेट में तेज दर्द: अगर आपके पेट में अचानक दांयी या बायीं तरफ
असहनीय दर्द होता है तो तुरंत चिकित्सक से मिले। यह किडनी खराब होने का बड़ा संकेत
होता है।
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ठंड के साथ तेज
बुखार: अगर आपको कंपकंपी ठण्ड
के साथ तेज बुखार लम्बे समय तक रहे या आता – जाता रहे तो यह किडनी के
ठीक से काम ना करने की ओर साफ संकेत है।
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गंधदार पेशाब: अगर आपको अचानक से
लम्बे समय तक तेज़ बदबूदार पेशाब आना शुरू हो जाता है तो इसका मतलब यह की किडनी अपना
काम ठीक से नहीं पा रही है। यानि वह खराब होने वाली है। तुरंत अपने खानपान में
बदलाव करे।
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सांस लेने में
तकलीफ: किडनी खराब होने पर शरीर
मेपानी की मत्रा बढ़ने लगती है। यह पानी बाकि अंगों के मुकाबले फेफड़ों में अधिक जमा
हो जाता है। फेफड़ों में पानी की अधिक मात्रा होने के कारण सांस लेने मेदिक्कत होने
लगती है। अगर आपको अचानक छाती में भारीपन और्सांस लेने में दिक्कत होने लगे तो यह
किडनी खराब होने का साफ संकेत है। अधिक धुम्रपान करने के कारण से भी यह समस्या
उत्पन्न हो सकती है।
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पेशाब आने में
समस्या होना: किडनी में समस्या
होने पर रोगी को बार-बार पेशाब आ सकता है या उसे काफी समय तक पेशाब नहीं आता, ऐसा
शरीर में पानी की मात्रा बढ़ने या घटने के कारण होता है।
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पेशाब की मात्रा
में परिवर्तन: पेशाब की मात्रा
में परिवर्तन पर लोग ज्यादा ध्यान नहीं देते। लेकिन यह एक बड़ी समस्या है,यह किडनी खराब होने की तरफ संकेत करता है। अगर आपको रोजाना के मुकाबले कम या
अधिक पेशाब आता है तो इस समस्या को हल्के में ना लें। किडनी की समस्या होने पर
व्यक्ति को अकसर कम मात्रा में पेशाब आता है वहीं कुछ लोगो को रात के समय पीले रंग
का पेशाब आता है। और कुछ लोगो को पेशाब आने का दाब तो महसूस होता है लेकिन आता
नहीं है। यह सभी किडनी खराब होने का साफ संकेत है।
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पेशाब का रंग बदल
जाना: आमतौर पर कई बार पेशाब
का रंग बदल जाता है, लेकिन ऐसा काफी कम समय के लिए ही होता है। लेकिन अगर ऐसा
लम्बे समय पट चले तो यह किडनी खराब होने कि ओर इशारा करता है, ऐसे में पेशाब का
रंग गाढ़ा केसरी हो जाता है।
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पेशाब मे प्रोटीन
आना: अगर पेशाब में प्रोटीन
आने लगे तो यह किडनी खराब होने की तरफ संकेत देता है। ऐसे में पेशाब का रंग बदल
सकता है, जैसे पीला और गहरा नारंगी। इसके अलावा गाढ़ा या झागदार पेशाब
भी आता है, यह प्रोटीनुरिया कि ओर संकेत करता है।
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त्वचा में रैशेज़
और खुजली: वैसे तो यह लक्षण कई तरह
से बीमारियों के लक्षण होते हैं लेकिन किडनी के खराब होने पर शरीर में विषाक्त
पदार्थों के जम जाने के कारण शरीर के त्वचा के ऊपर रैशेज और खुजली निकलने लगती है।
किडनी खराब होने पर उपचार कहां से लें?
भारत में "कर्मा
आयुर्वेदा" प्राचीन भारतीय पद्धत्ति की मदद से किडनी फेल्योर का सफल इलाज कर
रहा है। कर्मा आयुर्वेदा सिर्फ आयुर्वेद की सहायता से किडनी फेल्योर की बीमारी को
खत्म करता है वो भी बिना डायलिसिस और किडनी ट्रांसप्लांट के। कर्मा आयुर्वेदा वर्ष
1937 से किडनी रोगियों का इलाज करता आ रहे हैं। वर्तमान समय में डॉ. पुनीत धवन
इसका नेतृत्व कर रहे हैं।
डॉ. पुनीत धवन ने 35 हजार
से भी ज्यादा किडनी मरीजों को रोग से मुक्त किया हैं। वो भी डायलिसिस या किडनी
ट्रांसप्लांट के बिना। डॉ. पुनीत धवन ने केवल भारत में ही नहीं बल्कि विश्वभर में
किडनी की बीमारी से ग्रस्त मरीजों का इलाज आयुर्वेद द्वारा किया है। आपको बता दें
कि आयुर्वेद में डायलिसिस और किडनी ट्रांसप्लांट के बिना किडनी की इलाज किया जाता
है।
Ayurvedic treatment for renal failure