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किडनी को शुद्ध करने के क्या तरीके हैं?

किडनी को साफ और स्वस्थ रखने के लिए कई प्रकार हमारे बीच मौजूद है। आप अपनी किडनी को स्वस्थ रखने के लिए बस कुछ खाद्य पदार्थों और जड़ी बूटियों को अपने आहार में शामिल कर सकते हैं, जिनकी मदद से आप बड़ी आसानी से अपनी किडनी को स्वस्थ रख सकते हैं। आज इस आलेख में हम इसी विषय में बात करेंगे। आयुर्वेद में शुरुआत से ही किडनी की सफाई के लिए जड़ी बूटियों का प्रयोग किया जाता रहा है, जो की व्यक्ति के शरीर पर कोई नकारात्मक प्रभाव नहीं डालती। इनमे कुछ जड़ी बूटी है जिन्हें चाय या काढ़े के रूप में लिया जाता है और कुछ खाद्य उत्पाद हैं जिन्हें आहार के रूप में अपने खाने में शामिल किया जा सकता है।  वैसे तो किडनी को स्वस्थ और साफ रखने के लिए बहुत से पेय के विकल्प हैं लेकिन आप निम्न को जरूर अपनाएं :- किडनी की सफाई के लिए पेय – जावा चाय : जावा चाय, एक प्रकार की हर्बल चाय यानि ग्रीन टी के रूप में पी जाती है। अध्ययनों में पाया गया कि यह रक्त में यूरिक एसिड को कम करता है। रक्त में यूरिक एसिड की मात्रा अधिक होने के कारण व्यक्ति को गठिया जैसी दर्दनाक स्थिति का समाना करना पड़ सकता है। गठिया किडनी की कार्य...

किडनी खराब होने पर इसकी पहचान कैसे होती है?

किडनी खराब होने पर रोगी को कई समस्याओं का सामना करना पड़ता है, जैसे पेशाब से जुड़ी समस्या या शरीर के कुछ अंगों में सूजन आना. इस दौरान होने वाली सभी शारीरिक समस्याओं को किडनी खराब होने के लक्षणों के तौर पर देखा जाता है. किडनी खराब होने पर निम्न वर्णित लक्षण दिखाई देते हैं, जिनकी पहचान कर जल्द इस गंभीर बीमारी से छुटकारा पाया जा सकता है :- ·          बार- बार उल्टियां आना: किसी व्यक्ति को अगर तेज पेट दर्द के साथ बार बार उल्टियां आए तो यह किडनी लक्षण किडनी खराब होने की तरफ संकेत देता है। ऐसा होने पर तुरंत चिकित्सक से मिले। ध्यान दें यह स्थति कई कारणों से उत्पन्न हो सकती है जैसे अपच , फ़ूड में विषाक्त तत्व उत्पन्न होने के कारण आदि। ·          शरीर के कुछ हिस्सों में सूजन: किडनी खराब होने पर शरीर के कुछ हिस्सों जैसे – कमर, आँखों के आसपास और विशेषकर पैरों में सूजन आ जाती है। यह शरीर में यूरिक एसिड की मात्रा बढ़ने के कारण से होता है। ·          अचानक बेहोश होना: अगर...

डायलिसिस और किडनी ट्रांसप्लांट क्या होता है?

किडनी की विफलता एक गंभीर समस्या है। जब कोई व्यक्ति किडनी की विफलता के अंतिम चरण में पहुंचता है , तब उसकी किडनीयां शरीर के तकरीबन सभी प्रमुख कार्यों को करना बंद कर देती है। किडनी की विफलता की यह स्थिति व्यक्ति को यह संकेत देती है कि अब उसे किसी सटीक उपचार की जरूरत है। इस जानलेवा बीमारी के अंतिम चरण में रोगी आमतौर पर एलोपैथी उपचार लेना शूरू करते हैं, जिससे उनको कोई खास लाभ नहीं होता। एलोपैथी उपचार में किडनी को पुनः ठीक करने के दो उपचार मौजूद है, डायलिसिस और किडनी ट्रांसप्लांट ।   डायलिसिस द्वारा किडनी फेल्योर का उपचार :- किडनी फेल्योर के अंतिम चरण में रोगी को डायलिसिस जैसे जटिल उपचार से गुजरना पड़ता है, जोकि बहुत पीड़ादायक होता है। डायलिसिस रक्त छानने की एक कृत्रिम क्रिया है, जो शरीर से अपशिष्ट उत्पादों और अन्य विषाक्त तत्वों शरीर से बाहर निकालने में मदद करता है। किडनी खराब होने पर शरीर में पानी की मात्रा बढ़ जाती है और रक्त मात्रा कम हो जाती है जिसे डायलिसिस द्वारा ठीक करने की कोशिश की जाती है। डायलिसिस किडनी फेल्योर का सफल उपचार नहीं है, बल्कि यह सिर्फ रोगी को राहत भर देने ...

Ayurvedic kidney disease treatment to revitalize the kidney function

With a sudden changing lifestyle, there has been an inevitable hike in the number of kidney disease patients. Your unhealthy routine practices can affect the other supportive system of the body. The kidney is one is essential for performing several crucial functions for the body. What are the roles and responsibilities of the kidneys? Your kidneys perform multiple tasks for the fluent functioning of the body. They are: Regulates blood pressure level Eliminates toxins and waste from the blood Maintains fluid and electrolyte level in the body Assists in the generation of red blood cells When any disorder affects the functioning of the kidneys, toxins accumulate in the body. If the damage is severe, you may need  Ayurvedic kidney disease treatment  to prevent the organs from further damage. It has been scientifically proven that Ayurveda keeps the kidneys healthy. What are the causes of kidney damage? Multiple reasons are responsible ...

जाने काजू खाने से क्या नुकसान होते हैं?

जब हम ड्राईफ्रूट्स की बात करते हैं तो सबसे पहले काजू का नाम आता है, क्योंकि काजू को ड्राईफ्रूट्स का राजा कहा जाता है। भारत की अलग-अलग जगहों पर अलग-अलग तरह से इसका इस्तेमाल किया जाता है। जी हां, इसका कहीं मीठे पकवानो, तो कहीं मसालेदार व्यंजनों में करते हैं। इतना ही नहीं, काजू का उपयोग सिर्फ खाने में ही नहीं, बल्कि कई शारीरिक तौर पर होने वाली कई समस्याओं से निजात दिलाने के लिए किया जा सकता है।    साथ ही काजू का सेवन करने से कई फायदे होते हैं। यदि हम थोड़े से भी काजू का सेवन कर लेते हैं तो शरीर में बहुत उर्जा मिलती है। बल्कि कई बीमारियां भी दूर होती है, लेकिन अधिक मात्रा में काजू कई प्रकार के नुकसान का कारण बन सकता है।  काजू का इस्तेमाल –  स्वाद और सेहत में भरपूर काजू का इस्तेमाल आप कई प्रकार से कर सकते हैं जैसे कि – • आज काजू को जब मन करें सीधे खा सकते हैं • काजू कतली जैसी मिठाइयों में इसका इस्तेमाल होता है • काजू को बादाम के साथ भून कर, इसमें थोड़ा सा भी नमक मिलाकर स्नैक्स के रूप में खा सकते हैं • काजू को खीर और हल्वे में टॉपिंग के रूप में इस्तेम...

ग्रीन-टी से हुई किडनी खराब, आयुर्वेदिक दवाओं से हुई ठीक

मेरा नाम आकांक्षा है, मैं पंजाब कि रहने वाली हूँ. दो साल पहले मेरी एक किडनी खराब खराब हो गई थी. वैसे तो मैं अपनी सेहत का काफी ध्यान रखती हूँ, लेकिन फिर भी मेरी किडनी खराब हो गई. मैं ग्रीन-टी   पीने कि बहुत शौकीन हूँ और यही मेरी किडनी खराब होने का कारण भी बना. बहुत से लोगो का मानना है कि ग्रीन-टी   सेहत के लिए काफी अच्छी होती है, लेकिन ऐसा नहीं है. ग्रीन-टी   पीने से वजन कम होने में मदद तो जरूर मिलती है, लेकिन इससे काफी नुकसान भी होते हैं. मुझे भी पहले ऐसा ही लगता था कि ग्रीन-टी   पीना सेहत के लिए अच्छा होता है, लेकिन जब ग्रीन-टी पीने के कारण मेरी किडनी खराब हुई तब मुझे इस बारे पता चला. मैं एक दिन में तक़रीबन 5 से 6 तक ग्रीन-टी   पी जाती थी. ग्रीन-टी पीने के चलते मेरा ब्लडप्रेशर हाई रहने लगा था, जिस पर मैंने कभी ध्यान नहीं था और यही मेरी सबसे बड़ी खामी रही. ग्रीन-टी पीने से मेरा वजन तो कम हो रहा था, लेकिन मुझे और भी कई दिक्कते होना शुरू हो चुकी थी. मुझे पेशाब से जुड़ी हुई कई दिक्कते रहने लगी थी, मुझे अधिक पानी पीने के बाद भी काफी कम पेशाब आता था और कभी-कभ...